सर्वाइकल वालों को कैसे सोना चाहिए?HealthPlanet

Posted on Fri 16th Dec 2022 : 14:30

सोने का तरीका बदलकर देखिए, सर्वाइकल, स्लिप डिस्क, हाई बीपी से लेकर तमाम परेशानियों से होगा बचाव

सोने के गलत तरीके से शरीर के दूसरे अंगों की पोजिशन बिगड़ती है जिसके कारण नस दबने, हड्डी खिसकने, स्लिप डिस्क, कमर दर्द, सर्वाइकल, गर्दन में दर्द जैसी कई परेशानियां हो सकती हैं.
सोने का तरीका बदलकर देखिए, सर्वाइकल, स्लिप डिस्क, हाई बीपी से लेकर तमाम परेशानियों से होगा बचाव
सोने का तरीका बदलकर देखिए, सर्वाइकल, स्लिप डिस्क, हाई बीपी से लेकर तमाम परेशानियों से होगा बचाव

आजकल सर्वाइकल, स्लिप डिस्क, कमर दर्द जैसी तमाम परेशानियां आम हो गई हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसकी एक वजह सोने का गलत तरीका भी हो सकता है? विशेषज्ञों का मानना है कि सोने के गलत तरीके से शरीर के दूसरे अंगों की पोजिशन बिगड़ती है जिसके कारण नस दबने, हड्डी खिसकने, स्लिप डिस्क, कमर दर्द, सर्वाइकल, गर्दन में दर्द जैसी कई परेशानियां हो सकती हैं. अगर पहले से समस्या है तो सोने का गलत तरीका उन दिक्कतों को गंभीर बना सकता है.
जानिए सोने का सही तरीका

बायीं तरफ करवट लेकर सोना सबसे बेहतर होता है. इससे पाचन तंत्र दुरुस्त होता है. गैस, एसिडिटी, स्लिप डिस्क, कमर दर्द, सर्वाइकल, गर्दन में दर्द, हाई बीपी, हृदय रोग जैसी कई दिक्कतों से बचाव होता है. साथ ही खर्राटे भी कम आते हैं. प्रेग्नेंट महिलाओं को तो बच्चे की बेहतर ग्रोथ और बाकी परेशानियों से बचने के लिए खासतौर पर बायीं करवट सोने की सलाह दी जाती है. वहीं एक स्टडी के मुताबिक करवट लेकर सोने से अल्जाइमर और पार्किंसन्स जैसी न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का खतरा कम होता है.
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पोजिशन बदलने के लिए पीठ के बल लेटें

पोजिशन बदलने के लिए आप कुछ देर के लिए पीठ के बल लेट सकते हैं, लेकिन पीठ के बल सोते समय इस बात का खास ख्याल रखें कि आपके रीढ़ का नैचुरल कर्व डिस्टर्ब न हो वर्ना परेशानी बढ़ सकती है. जो लोग अक्सर पेट के बल सोते हैं, उन्हें इस आदत को जल्दी ही बदल लेना चाहिए. इससे जोड़ों और मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है जिसके कारण गर्दन और पीठ का दर्द होने की आशंका रहती है.
बायीं करवट सोते समय इन बातों को रखें ध्यान

कुछ लोगों का मानते हैं कि तकिया इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. लेकिन ये आपकी गलतफहमी है. सही पोजिशन के लिए तकिये का इस्तेमाल भी जरूरी है लेकिन तकिए की मोटाई उतनी ही होनी चाहिए जो आपके कंधे, सिर और गर्दन के बीच बची जगह को भर सके. ताकि सोते समय आपकी गर्दन न लटके. इसके अलावा अगर आपके घुटनों में दर्द रहता है तो सोते वक्त दोनों घुटनों के बीच एक पतला सा तकिया या कुशन रख लें.

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